सरायकेला: चौका थाना क्षेत्र के बड़ामटांड़ गांव में नौकरी दिलाने के नाम पर गुरुवार को पकड़े गए कथित ठग मामले में चौका थाना की पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जिस व्यक्ति को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया था, वह कोई सामान्य युवक नहीं, बल्कि IRB-03 पिपरवार में प्रतिनियुक्त हवलदार निकला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी JSSC-PGT सहित अन्य सरकारी नौकरियों में चयन कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से मोटी रकम, ब्लैंक चेक और मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र लेता था।
ग्रामीणों ने ठग को पकड़कर किया था पुलिस के हवाले
गुरुवार को बड़ामटांड़ गांव में ग्रामीणों की सूझबूझ से नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ था। एक अभ्यर्थी को फोन कर JSSC-PGT सहायक आचार्य के पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया और बदले में 10 लाख रुपये की मांग की गई। अभ्यर्थी को शक होने पर उसने आरोपी को पैसे लेने के बहाने गांव बुलाया और पहले से ग्रामीणों को इसकी जानकारी दे दी। जैसे ही आरोपी गांव पहुंचा, ग्रामीणों ने उसे पकड़कर चौका थाना पुलिस के हवाले कर दिया था। अब पुलिस की जांच में आरोपी की पहचान सुशील कुमार के रूप में हुई है। वह मूल रूप से हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र के बनागढ़ा का निवासी है और वर्तमान में IRB-03 पिपरवार, चतरा में हवलदार के पद पर प्रतिनियुक्त था। पुलिस के द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आरोपी सुशील कुमार खुद को JSSC भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों का करीबी बताकर अभ्यर्थियों का विश्वास जीतता था और सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे आर्थिक लाभ उठाता था।

ब्लैंक चेक समेत कई दस्तावेज बरामद
इधर पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले अभ्यर्थियों से दो हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक और उनके मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र जमा कराता था। इसके बाद चयन सुनिश्चित कराने का भरोसा देकर मोटी रकम की मांग करता था। पुलिस को आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड, JSSC-PGT के एडमिट कार्ड, मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, अभ्यर्थियों का डेटा, हाईकोर्ट के आदेश की प्रति, छह ब्लैंक चेक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं।
अबतक अधिकारियों से नहीं मिला है कोई संलिप्तता
पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में JSSC या उसके किसी अधिकारी-कर्मचारी की संलिप्तता सामने नहीं आई है। प्रथम दृष्टया यह मामला सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी का प्रतीत होता है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं पुलिस उसके मोबाइल कॉल डिटेल, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। इस मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सरायकेला-खरसावां पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांगने वाले किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं। सरकारी नियुक्तियां केवल निर्धारित और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से ही होती हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।









