सरायकेला: JSSC-PGT भर्ती में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी के मामले में शिकायतकर्ता गुरुचरण साव ने पुलिस की कार्रवाई का स्वागत करते हुए जांच प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा मामला केवल प्रेस रिलीज जारी कर समाप्त नहीं किया जाना चाहिए था, बल्कि पुलिस को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए थी। शिकायतकर्ता गुरुचरण साव ने कहा कि थाना प्रभारी द्वारा पहले जानकारी दी गई थी कि मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, लेकिन बाद में केवल प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी गई। उनका कहना है कि लाखों गरीब और मेहनती अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मामले में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना आवश्यक था।
उन्होंने कहा कि यदि सरकारी नौकरी बेचना अपराध है, तो नौकरी खरीदने की कोशिश करना भी उतना ही गंभीर अपराध है। जिन लोगों ने कथित रूप से ब्लैंक साइन किए हुए चेक और अन्य दस्तावेज देकर लाखों रुपये में नौकरी पाने का प्रयास किया, उनकी भूमिका की भी निष्पक्ष और कानूनी जांच होनी चाहिए।गुरुचरण साव ने यह भी सवाल उठाया कि आरोपी के पास से जिन अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण-पत्र बरामद हुए हैं, उनके संबंध में पुलिस को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने पूछा कि क्या वे अभ्यर्थी इस मामले में पीड़ित हैं, गवाह हैं या फिर आरोपी के रूप में जांच के दायरे में हैं। इस संबंध में पुलिस की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए।
उन्होंने जांच के एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू की ओर भी ध्यान दिलाते हुए कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि JSSC भर्ती से संबंधित अभ्यर्थियों का डेटा आरोपी तक आखिर पहुंचा कैसे। यदि किसी सरकारी तंत्र, कार्यालय या अन्य माध्यम से अभ्यर्थियों की जानकारी लीक हुई है, तो इसकी भी गहन और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके। गुरुचरण साव ने कहा कि मामले की जांच केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इस पूरे कथित सिंडिकेट से जुड़े हर व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

क्या था मामला
9 जुलाई को सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाना क्षेत्र के बड़ामटांड़ गांव में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आया था। शिकायतकर्ता गुरुचरण साव ने चौका थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि एक व्यक्ति खुद को JSSC-PGT भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों का करीबी बताकर अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दे रहा है।शिकायत के अनुसार आरोपी ने एक अभ्यर्थी को फोन कर JSSC-PGT सहायक आचार्य के पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और बदले में 10 लाख रुपये की मांग की। अभ्यर्थी को संदेह होने पर उसने आरोपी को रुपये लेने के बहाने बड़ामटांड़ गांव बुलाया और पहले से ग्रामीणों को इसकी जानकारी दे दी। जैसे ही आरोपी गांव पहुंचा, ग्रामीणों ने उसे पकड़कर चौका थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस जांच में आरोपी की पहचान सुशील कुमार के रूप में हुई, जो IRB-03, पिपरवार (चतरा) में प्रतिनियुक्त हवलदार निकला। उसके पास से दो मोबाइल फोन, छह ब्लैंक चेक, JSSC-PGT के एडमिट कार्ड, मूल शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, अभ्यर्थियों का डेटा, हाईकोर्ट के आदेश की प्रति सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।









