ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ की सफलता: रांची रेलवे स्टेशन से भटके 12 वर्षीय बालक का आरपीएफ ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ की सफलता: रांची रेलवे स्टेशन से भटके 12 वर्षीय बालक का आरपीएफ ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

इन्हे भी जरूर देखे

रांची: कांटाटोली में अपार्टमेंट में पुलिस की छापेमारी, देशी पिस्टल के साथ चतरा का युवक गिरफ्तार

रांची : राजधानी रांची के कांटाटोली स्थित वासुदेव नगर के रिबुलेन इनफ्लैक्स अपार्टमेंट में लोअर बाजार थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर...

कुकड़ू: दारुदा सड़क हादसे में वार्ड सदस्य की मौत के बाद पुलिस का एक्शन, टक्कर मारने वाला ट्रैक्टर को किया जब्त

01 नवंबर 2026, सरायकेला: तिरुलडीह थाना क्षेत्र के दारुदा गांव के समीप 24 अक्टूबर को हुई सड़क दुर्घटना में बाइक सवार वार्ड सदस्य की...

रांची: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट, रांची ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” के तहत एक 12 वर्षीय नाबालिग बालक का सकुशल रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित चाइल्डलाइन के सुपुर्द कर दिया।

प्लेटफॉर्म पर अकेला घूमता मिला नाबालिग

6 जुलाई 2026 की सुबह रांची रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-3 पर नियमित गश्त के दौरान आरपीएफ टीम की नजर एक नाबालिग बालक पर पड़ी, जो अकेला और संदिग्ध परिस्थिति में घूम रहा था। पूछताछ में उसने अपना नाम करण कुमार (12 वर्ष), पिता रतनेश राय, मूल निवासी हसनपुर, थाना महादीनगर, जिला समस्तीपुर (बिहार) तथा वर्तमान पता लालपुर, डिस्टनरी भवन नंबर-10, रांची बताया।

मां की डांट से नाराज होकर छोड़ दिया था घर

बालक ने आरपीएफ को बताया कि वह अपनी मां की बार-बार डांट से नाराज होकर बिना किसी को बताए घर से निकल आया था। उसकी स्थिति को देखते हुए आरपीएफ ने तुरंत उसे सुरक्षित अभिरक्षा में लिया और आरपीएफ पोस्ट लेकर पहुंची।

चाइल्डलाइन को सौंपा गया बालक

सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नाबालिग को उसकी सुरक्षा, देखभाल और पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए विधिसम्मत तरीके से चाइल्डलाइन, रांची को सुपुर्द कर दिया गया।

इन अधिकारियों ने निभाई अहम भूमिका

इस सराहनीय कार्य में उप निरीक्षक सुनीता तिर्की, सहायक उप निरीक्षक सुरेन्द्र कुमार एवं प्रधान आरक्षक पी.सी. महतो की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

क्या है ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’?

आरपीएफ का ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” रेलवे स्टेशनों पर भटके, लापता या असहाय बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित संरक्षण उपलब्ध कराने और उनके पुनर्वास की दिशा में चलाया जाने वाला विशेष अभियान है। इस अभियान के तहत आरपीएफ लगातार बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों अथवा संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)

इन्हे भी जरूर देखे

रांची: कांटाटोली में अपार्टमेंट में पुलिस की छापेमारी, देशी पिस्टल के साथ चतरा का युवक गिरफ्तार

रांची : राजधानी रांची के कांटाटोली स्थित वासुदेव नगर के रिबुलेन इनफ्लैक्स अपार्टमेंट में लोअर बाजार थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर...

कुकड़ू: दारुदा सड़क हादसे में वार्ड सदस्य की मौत के बाद पुलिस का एक्शन, टक्कर मारने वाला ट्रैक्टर को किया जब्त

01 नवंबर 2026, सरायकेला: तिरुलडीह थाना क्षेत्र के दारुदा गांव के समीप 24 अक्टूबर को हुई सड़क दुर्घटना में बाइक सवार वार्ड सदस्य की...

सरायकेला : तिरुलडीह के 19वें थाना प्रभारी बने विपुल कुमार ओझा, लिया पदभार

सरायकेला। रविवार को 2018 बैच के सब इंस्पेक्टर विपुल कुमार ओझा ने सरायकेला खरसावां जिला के तिरुलडीह थाना के 19वें थाना प्रभारी के रूप...

Must Read

कुकड़ू: दारुदा सड़क हादसे में वार्ड सदस्य की मौत के बाद पुलिस का एक्शन, टक्कर मारने वाला ट्रैक्टर को किया जब्त

01 नवंबर 2026, सरायकेला: तिरुलडीह थाना क्षेत्र के दारुदा गांव के समीप 24 अक्टूबर को हुई सड़क दुर्घटना में बाइक सवार वार्ड सदस्य की...

कुकड़ू: पदाधिकारियों और कर्मियों की मनमानी! BDO-CO गायब, कर्मियों की खाली कुर्सियां देख भड़कीं प्रखंड प्रमुख

सरायकेला: कुकड़ू प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय में पदाधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों से मिली शिकायत के बाद सोमवार को कुकड़ू...