रांची: झारखंड सरकार ने मनरेगा के तहत कार्यरत संविदाकर्मियों को बड़ी राहइस संबंध में मनरेगा आयुक्त कार्यालय ने सभी जिलों को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि अपने-अपने जिले में कार्यरत पात्र कर्मियों की विस्तृत जानकारी एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराई जाए। जिलों से कर्मियों का नाम, पद, नियुक्ति तिथि, 10 वर्ष की सेवा पूर्ण होने की स्थिति तथा अन्य आवश्यक विवरण मांगे गए हैं।त देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा) आयुक्त कार्यालय ने 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर चुके संविदाकर्मियों को ग्रेड-पे आधारित मानदेय देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव की अध्यक्षता में 19 जून 2026 को हुई बैठक में बनी सैद्धांतिक सहमति के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। इसके तहत मनरेगा के अंतर्गत क्षेत्रीय स्तर पर सृजित पदों पर कार्यरत ऐसे कर्मियों को ग्रेड-पे श्रेणी में शामिल करने की कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने 10 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है।

इस संबंध में मनरेगा आयुक्त कार्यालय ने सभी जिलों को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि अपने-अपने जिले में कार्यरत पात्र कर्मियों की विस्तृत जानकारी एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराई जाए। जिलों से कर्मियों का नाम, पद, नियुक्ति तिथि, 10 वर्ष की सेवा पूर्ण होने की स्थिति तथा अन्य आवश्यक विवरण मांगे गए हैं। सरकार के इस कदम को लंबे समय से ग्रेड-पे आधारित मानदेय की मांग कर रहे मनरेगा संविदाकर्मियों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। जानकारी मिलने के बाद पात्र कर्मियों को ग्रेड-पे आधारित मानदेय का लाभ देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। यदि यह प्रक्रिया निर्धारित समय पर पूरी होती है, तो राज्यभर के बड़ी संख्या में मनरेगा कर्मियों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे संविदाकर्मियों का मनोबल बढ़ने के साथ-साथ उनकी लंबे समय से लंबित मांग पूरी होने का रास्ता भी साफ होता नजर आ रहा है।









