रांची: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले कांग्रेस ने उम्मीदवार घोषित कर सियासी हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता प्रणव झा को उम्मीदवार बनाकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के सामने राजनीतिक ‘गुगली’ फेंक दी है। महागठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद जेएमएम ने अभी तक अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है। विधानसभा में वर्तमान संख्या बल के अनुसार महागठबंधन के पास 56 विधायक हैं। इनमें जेएमएम के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और सीपीआई (एमएल) के 2 विधायक शामिल हैं। वहीं एनडीए के पास कुल 24 विधायक हैं, जिनमें भाजपा के 21 तथा आजसू, जदयू और लोजपा (रामविलास) के एक-एक विधायक हैं। इसके अलावा एक विधायक जेएलकेएम का है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संख्या बल के आधार पर महागठबंधन दोनों सीटें जीत सकता है। ऐसे में कांग्रेस द्वारा सबसे पहले उम्मीदवार घोषित करना महज औपचारिक कदम नहीं, बल्कि गठबंधन के भीतर अपनी राजनीतिक मौजूदगी और दावेदारी का संकेत भी माना जा रहा है। कांग्रेस ने जिस तरह प्रणव झा के नाम का ऐलान किया है, उसके बाद अब नजरें जेएमएम पर टिक गई हैं। गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते जेएमएम दोनों सीट पर अपना दावा पेश करती है या कोई साझा रणनीति बनती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार कांग्रेस की यह ‘गुगली’ राज्यसभा चुनाव को दिलचस्प बना सकती है। फिलहाल प्रणव झा की उम्मीदवारी के बाद दूसरी सीट को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। जेएमएम के अगले कदम पर अब पूरे राज्य की निगाहें टिकी हैं।









