सरायकेला : झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय कुकड़ू इन दिनों मूलभूत सुविधाओं की कमी और भवन की जर्जर स्थिति को लेकर चर्चा में है। खासकर विद्यालय भवन की ऊपरी मंजिल की चारदीवारी में चारों ओर पड़ी दरारें छात्राओं की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गई हैं। भवन की दीवारों में आई ये दरारें साफ संकेत दे रही हैं कि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। विद्यालय परिसर में रहने वाली छात्राएं इस स्थिति को लेकर भय के साये में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। अभिभावकों में भी इसको लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। हालांकि, स्कूल प्रबंधन ने एहतियातन बच्चों के छत पर जाने पर रोक लगा दी है, लेकिन तेज हवा या आंधी की स्थिति में दीवार गिरने की आशंका बनी हुई है।

विभाग को दी गई जानकारी, नहीं हुई कार्रवाई
इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित विभाग को विद्यालय प्रबंधन के द्वारा पत्र के माध्यम से दी जा चुकी है। लेकिन अबतक इसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। भवन की तत्काल मरम्मत बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके और छात्राओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके। एक ओर सरकार बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आवासीय विद्यालय संचालित कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की लापरवाही चिंता का विषय है। प्रशासन को चाहिए कि जल्द से जल्द भवन की मरम्मत कर छात्राओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।









