रांची : झारखंड सरकार ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति को देखते हुए केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों (CAPF) की तैनाती में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। नई रणनीति के तहत राज्य के पांच जिलों को सुरक्षा संबंधी व्यय (SRE) योजना से बाहर कर दिया गया है, जबकि अधिक संवेदनशील चार जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे।सरकार के निर्णय के अनुसार गढ़वा, गिरिडीह, खूंटी, लोहरदगा और सरायकेला-खरसावां जिलों को SRE योजना से मुक्त कर दिया गया है। इन जिलों में अब केंद्रीय बलों की तैनाती कम की जाएगी तथा सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी मुख्य रूप से राज्य पुलिस संभालेगी।
वहीं इन जिलों से हटाई जाने वाली CAPF कंपनियों को पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा), चतरा, लातेहार और बोकारो जैसे संवेदनशील जिलों में तैनात किया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन क्षेत्रों में अभी भी नक्सली गतिविधियों की चुनौती बनी हुई है, जिसके कारण अतिरिक्त सुरक्षा बलों की आवश्यकता है। राज्य सरकार के इस फैसले को नक्सल विरोधी अभियान की नई रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। इससे एक ओर अपेक्षाकृत शांत क्षेत्रों में राज्य पुलिस की भूमिका मजबूत होगी, वहीं दूसरी ओर नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाकर अभियान को और प्रभावी बनाया जाएगा।









