सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत झिमड़ी सोनाडूंगरी स्थित एकलव्य विद्यालय झिमड़ी की निर्माणाधीन चारदीवारी में अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। पंचायत समिति सदस्य पदमोलोचन महतो ने कहा कि निर्माण कार्य में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां पिलर में छह सरिया लगाया जाना चाहिए, वहां चार सरिया का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही निम्न गुणवत्ता के ईंट और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है।
ग्रामीण नीलमोहन महतो ने कहा कि एकलव्य विद्यालय झिमड़ी आयरन युक्त क्षेत्र में स्थित है, जहां हमेशा ठनका गिरने का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण निर्माण होना जरूरी है। ग्रामीणों के अनुसार निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित कोई शिलापट्ट नहीं लगाया गया है, जिससे योजना लागत, निर्माण एजेंसी और मजदूरी दर जैसी जानकारियां सार्वजनिक नहीं हो पा रही हैं। इससे निर्माण कार्य की पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं निर्माण स्थल पर मौजूद मुंशी मिंटू कर्मकार ने बताया कि वह हाल ही में यहां नियुक्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि मजदूरी दर 300 से 400 रुपये प्रतिदिन दी जा रही है। सरिया कम लगाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उस समय कोई अन्य मुंशी कार्य देख रहा था।
इधर मामले की जानकारी मिलने के बाद नीमडीह के अंचल अधिकारी अभय कुमार द्विवेदी ने निर्माण स्थल पहुंचकर जांच की। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और पूरे मामले की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी ताकि निर्माण कार्य मजबूत और टिकाऊ हो सके। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।









