दृढ़-इच्छाशक्ति के धनी थे बिनोद बाबू

दृढ़-इच्छाशक्ति के धनी थे बिनोद बाबू

इन्हे भी जरूर देखे

सरायकेला: पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के 17 कर्मियों का स्थानांतरण, नया पदस्थापन आदेश जारी

सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत कार्यरत प्रखंड समन्वयकों और लेखापाल-सह-कंप्यूटर ऑपरेटरों का बड़े पैमाने पर स्थानांतरण किया गया...

सरायकेला: तीन माओवादी गिरफ्तार, AK-47 समेत भारी मात्रा में हथियार बरामद, एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया खुलासा

सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त अभियान में तीन सक्रिय माओवादी...

सिल्ली(तारकेश्वर महतो)। झारखंड आंदोलन के महानायक बिनोद बिहारी महतो की पुण्यतिथि के अवसर पर गूंज महोत्सव का आयोजन किया जाता है। कौन थे बिनोद बिहारी महतो- मूलत धनबाद जिले के बलियापुर प्रखंड के बड़ादाहा गांव के माहिंदी महतो व मंदाकिनी माहताइन के एकलौते पुत्र जिनका जन्म 23सितंबर 1921 को हुआ था। बचपन से ही दृढ़-इच्छाशक्ति के धनी रहे बिनोद बाबु गांव से जंगल के रास्ते नित्य 15 किलोमीटर पैदल चलते हुए अपने इलाके के पहले मैट्रिक पास करने वाले छात्र थे।ये रास्ता चलते हुए सोहराई गीतों के सुर मे पाठ जोर जोर से याद किया करते थे जिसे सुनकर राहगीर भौंचक हो उन्हे ताकते रह जाते। इनकी मां घर मे उगाई सब्जियां बेच कर इनकी पढ़ाई का खर्च वहन करती थी। आगे चलकर उन्होने वकालत पूरी की और धनबाद के उसी कोर्ट मे पहुंचे जहां एक समय किरानी रहते वे एक वकील से तिरस्कृत हुए थे। एक वकील के तौर पर उन्होने अपने क्षेत्र के जनजीवन की कठिनाईयों त्रासदियों व सामंतवादी अत्याचारों को तीव्रता से महसूस किया व इन्हे इनसे मुक्त होने की दिशा मे अपना जीवन अर्पित करने की ठान ली। विशेषकर बोकारो स्टील प्लांट की स्थापना के दौरान विस्थापितों पर हुए अत्याचारों से वे इतने मर्माहत हुए कि इनकी हक की लड़ाई लड़ना ही अपने जीवन का परम उद्देश्य बना लिया। ऐसे महत्वपुर्ण कालक्रम मे उनसे ए के राय और शिबु सोरेन जुड़ गये। यह 1966- 67 का वर्ष था जिसने झारखंड आंदोलन की दिशा- दशा ही तय कर दी थी। झारखंड के लिए अतिशय दूर्भाग्य रहा कि अलग राज्य आंदोलन को मंझधार मे छोड़ अचानक उन्होने अलविदा ले ली। 18 दिसंबर1991 को दिल्ली संसद भवन मे अचानक उनकी तबियत बिगड़ जाने और थोड़ी ही देर पश्चात हुए उनके निधन से पुरा झारखंड रो पड़ा। परंतु उनका सपना अंततः पुरा हुआ और दशकों से चले आंदोलन ने झारखंडवासियों को 15 नवंबर 2000 मे नये राज्य की सौगात दी।

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)

इन्हे भी जरूर देखे

सरायकेला: पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के 17 कर्मियों का स्थानांतरण, नया पदस्थापन आदेश जारी

सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत कार्यरत प्रखंड समन्वयकों और लेखापाल-सह-कंप्यूटर ऑपरेटरों का बड़े पैमाने पर स्थानांतरण किया गया...

सरायकेला: तीन माओवादी गिरफ्तार, AK-47 समेत भारी मात्रा में हथियार बरामद, एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया खुलासा

सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त अभियान में तीन सक्रिय माओवादी...

कपाली : देसी कट्टा के साथ कुख्यात अपराधी गुड्डू उर्फ़ राकेश गिरफ्तार, एक जिंदा गोली बरामद

सरायकेला। कपाली ओपी पुलिस ने अवैध हथियार के साथ एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक लोडेड देसी कट्टा और...

Must Read

32 वर्षों की सेवा के बाद शिक्षक आश्रन अली अंसारी हुए सेवानिवृत्त, छात्रों ने नम आंखों से दी विदाई, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने किया...

सरायकेला: कुकडू प्रखंड अंतर्गत पीएम श्री प्लस टू उत्क्रमित उच्च विद्यालय ईचाडीह में शुक्रवार को शिक्षक आश्रन अली अंसारी के सेवानिवृत्त होने पर सम्मान...

कपाली : देसी कट्टा के साथ कुख्यात अपराधी गुड्डू उर्फ़ राकेश गिरफ्तार, एक जिंदा गोली बरामद

सरायकेला। कपाली ओपी पुलिस ने अवैध हथियार के साथ एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक लोडेड देसी कट्टा और...

सरायकेला: तीन माओवादी गिरफ्तार, AK-47 समेत भारी मात्रा में हथियार बरामद, एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया खुलासा

सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त अभियान में तीन सक्रिय माओवादी...

तिरुलडीह-बकारकुड़ी के बीच ट्रेन से कटकर एक व्यक्ति की मौत, शव को कब्जे में लेकर जांच में जुटी पुलिस

सरायकेला। तिरुलडीह थाना क्षेत्र के चानो गांव के समीप शनिवार को ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना...