रांची: हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ में हुई दर्दनाक घटना को लेकर झारखंड की सियासत गरमा गई है। इस मामले में भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए दोषियों को फांसी देने की मांग की है। रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि यह घटना बेहद शर्मनाक और हृदयविदारक है। उन्होंने कहा कि भाजपा शुरू से ही इस जघन्य अपराध के दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा, विशेषकर फांसी की मांग कर रही है। आदित्य साहू ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही वे स्वयं विष्णुगढ़ पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में भाजपा को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आरोपी का भाजपा से कोई संबंध नहीं है और पार्टी की सदस्यता प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं ऑनलाइन है। भाजपा पर लगाए जा रहे आरोप निराधार और राजनीति से प्रेरित हैं। भाजपा ने इस मामले में न्यायिक जांच की मांग करते हुए अपने प्रस्तावित मशाल जुलूस और झारखंड बंद को वापस लेने का निर्णय लिया है। पार्टी का कहना है कि वह इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से नहीं, बल्कि न्याय की दृष्टि से देख रही है। प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि घटना के समय सरकार के जिम्मेदार लोग कहां थे। उन्होंने कांग्रेस, राजद और झामुमो के नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
उन्होंने रामगढ़ के चितरपुर में नाबालिग से दुष्कर्म की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। भाजपा के अनुसार, वर्ष 2019 के बाद से राज्य में हजारों दुष्कर्म के मामले सामने आए हैं, जो सरकार की विफलता को दर्शाता है। आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री और अन्य शीर्ष नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर भाजपा कार्यकर्ताओं ने दबाव नहीं बनाया होता, तो इस मामले का खुलासा भी नहीं हो पाता। प्रेस वार्ता में पार्टी के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इस तरह की घटनाएं होती हैं, तो पार्टी सड़क से लेकर सदन तक व्यापक आंदोलन करेगी।









