पुरुलिया (गुलाम रब्बानी): पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले की जयपुर विधानसभा सीट एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है। 2021 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नरहरी महतो ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार फनीभूषण कुमार को करीब 12,200 वोटों से हराया था। लेकिन इस बार भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया है, जिससे सियासी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। 2021 के चुनाव परिणामों पर नजर डालें तो जयपुर सीट पर भाजपा के नरहरी महतो को 74,380 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के फनीभूषण कुमार को 62,180 वोट प्राप्त हुए थे। वहीं निर्दलीय उम्मीदवार दिव्यज्योति सिंह देव ने भी दमदार प्रदर्शन करते हुए 35,429 वोट हासिल किए थे। ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के धीरेन्द्र नाथ महतो को लगभग 19 हजार वोट मिले थे। इस तरह यह सीट पहले से ही बहुकोणीय मुकाबले की गवाह रही है।

अब 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले जयपुर सीट पर नई राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। भाजपा द्वारा नरहरी महतो को टिकट नहीं दिए जाने के बाद से कई तरह की अटकलें लगाई जा रही है। हाल ही में कुड़मी समाज के प्रतिनिधियों, जिनमें अजीत महतो प्रमुख थे, ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इसके बाद जब भाजपा की पहली सूची जारी हुई, तब पुरुलिया जिले की जयपुर, पुरुलिया और बाघमुंडी सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित नहीं किए गए। तभी से यह कयास लगाए जा रहे थे कि इनमें से किसी एक सीट को कुड़मी समाज के लिए छोड़ा जा सकता है। अब जयपुर सीट से भाजपा ने अजीत महतो के पुत्र विश्वजीत महतो को प्रत्याशी घोषित किया है।
इधर तृणमूल कांग्रेस ने भी इस सीट पर अपना दांव चल दिया है। तृणमूल कांग्रेस ने जयपुर सीट से अर्जुन महतो को उम्मीदवार बनाया है। वहीं दूसरी ओर, TMC से टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर 2021 में निर्दलीय चुनाव लड़ चुके दिव्यज्योति सिंह देव ने नई राजनीतिक राह चुन ली है। दिव्यज्योति सिंह देव ने JLKM का दामन थाम लिया है। JLKM पार्टी सुप्रीमो जयराम कुमार महतो ने जयपुर विधानसभा के तुलिन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल कराया। गौरतलब है कि 2021 में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में 35 हजार से अधिक वोट हासिल किए थे, जिससे उनकी क्षेत्र में मजबूत पकड़ का अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसे में जयपुर विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला और भी दिलचस्प होता नजर आ रहा है। एक ओर भाजपा का बदला हुआ चेहरा, दूसरी ओर तृणमूल का नया उम्मीदवार और तीसरी तरफ JLKM में शामिल हुए दिव्यज्योति सिंह देव। इन सबके बीच 2021 के नतीजों की पृष्ठभूमि इस चुनाव को बेहद रोचक बना रही है। अब देखना होगा कि बदलते समीकरणों के बीच जयपुर की जनता इस बार किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है। जयपुर सीट पर पहले चरण में 23 अप्रैल 2026 को चुनाव होना है।









