सरायकेला: झारखंड में प्रशासनिक पारदर्शिता और तकनीक आधारित शासन की दिशा में सरायकेला खरसावां जिला प्रशासन ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य में पहली बार सीज (जप्त) बालू की पारदर्शी ऑनलाइन नीलामी सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई, जिससे राज्य को ₹2.30 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। जिला प्रशासन द्वारा विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत कुल लगभग 12 लाख घन फीट सीज बालू की ऑनलाइन नीलामी की गई। नीलामी के लिए आधार मूल्य ₹1.72 करोड़ निर्धारित किया गया था, लेकिन प्रतिस्पर्धात्मक ऑनलाइन बोली प्रक्रिया के चलते अंतिम नीलामी मूल्य अपेक्षा से अधिक ₹2.30 करोड़ तक पहुंच गया। यह जिला एवं राज्य दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय उपलब्धि मानी जा रही है।

तकनीक आधारित नीलामी से सुशासन को मजबूती : उपायुक्त
इस संबंध में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि जब्त खनिज संसाधनों के निपटान हेतु ऑनलाइन नीलामी जैसी पारदर्शी एवं तकनीक आधारित व्यवस्था अपनाना सुशासन की दिशा में एक प्रभावी कदम है। इससे एक ओर अवैध खनन पर नियंत्रण सुनिश्चित होता है, वहीं दूसरी ओर राज्य को वैध एवं अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी जिले में अवैध खनन के विरुद्ध की गई कार्रवाइयों में जब्त खनिजों के निपटान के लिए इसी प्रकार की पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक ऑनलाइन प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी।

वहीं जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सथपति ने जानकारी दी कि इस ऑनलाइन नीलामी में साईं रिसोर्सस प्राइवेट लिमिटेड ने सीज बालू की खरीद की है। गौरतलब है कि यह सीज बालू जिले के विभिन्न स्थलों से जब्त की गई थी, जिनमें गौरी बालू घाट, सोड़ो, चौड़ा, हाथीसिरिंग, जोगोडीह, बीरडीह एवं कुजु जैसे क्षेत्र शामिल हैं।









