हिरणपुर में कानून बेबस, मोर मुकुट खदान बेलगाम लीज एरिया से बाहर 10 बीघा अवैध खनन, रात में धड़ल्ले से चल रहा क्रेशर

हिरणपुर में कानून बेबस, मोर मुकुट खदान बेलगाम लीज एरिया से बाहर 10 बीघा अवैध खनन, रात में धड़ल्ले से चल रहा क्रेशर

इन्हे भी जरूर देखे

14 जून कुकड़ू नक्सली घटना विशेष: कुकड़ू की वह खौफनाक शाम, सात साल बाद भी नहीं मिटे शहादत के निशान

गुलाम रब्बानी, सरायकेला। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले का कुकड़ू प्रखंड। शांत ग्रामीण परिवेश के बीच बसा यह इलाका कभी अपनी स्वच्छ हवा, प्राकृतिक सुंदरता...

कुकड़ू: प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित, मेधावी छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित, बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें: सविता महतो

सरायकेला : कुकड़ू स्थित मुंडा भवन में मंगलवार को वीर बिरसा महाविद्यालय डाटम प्रबंधन समिति के तत्वावधान में भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन...

हिरणपुर प्रखंड के बस्ताडीह इलाके में स्थित मोर मुकुट खदान और क्रेशर ने मानो यह साबित कर दिया है कि पाकुड़ जिले में कानून सिर्फ आम लोगों के लिए है, जबकि खनन माफियाओं के लिए सब कुछ माफ है। आरोप है कि मोर मुकुट द्वारा लीज एरिया से बाहर करीब 10 बीघा जमीन में खुलेआम अवैध खनन किया जा रहा है, फिर भी प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। सब कुछ साफ दिखने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं होना यह सवाल खड़ा करता है कि क्या मोर मुकुट के संचालक कानून से ऊपर हैं? या फिर उनके सिर पर किसी “बड़े हाथ” का खुला संरक्षण है? जानकारी के मुताबिक जिला ट्रांस फोर्स की बैठक में स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए गए थे कि रात के समय किसी भी हालत में क्रेशर नहीं चलाया जाएगा लेकिन बस्ताडीह में ये आदेश कागज बनकर रह गए। रात होते ही क्रेशर पूरे शोर-शराबे के साथ चलने लगता है, मानो जिला प्रशासन की चेतावनी मज़ाक हो, स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि

रात भर चलने वाले क्रेशर से नींद हराम है, धूल और कंपन से घरों में दरारें पड़ रही हैं, पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है, इसके बावजूद ना खनन विभाग जाग रहा है, ना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, ना स्थानीय प्रशासन। सवाल सीधा है, जब ऊपर से सख्त निर्देश हैं, तो नीचे कार्रवाई क्यों नहीं? अब यह केवल अवैध खनन का मामला नहीं रहा, यह प्रशासनिक मिलीभगत और संरक्षण का गंभीर आरोप बन चुका है। पाकुड़ की जनता जानना चाहती है क्या नियम-कानून सिर्फ गरीबों के लिए बने हैं, क्या अवैध खनन करने वालों को खुली छूट है और कब मोर मुकुट जैसे खदानों पर असली कार्रवाई होगी?

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)

इन्हे भी जरूर देखे

14 जून कुकड़ू नक्सली घटना विशेष: कुकड़ू की वह खौफनाक शाम, सात साल बाद भी नहीं मिटे शहादत के निशान

गुलाम रब्बानी, सरायकेला। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले का कुकड़ू प्रखंड। शांत ग्रामीण परिवेश के बीच बसा यह इलाका कभी अपनी स्वच्छ हवा, प्राकृतिक सुंदरता...

कुकड़ू: प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित, मेधावी छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित, बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें: सविता महतो

सरायकेला : कुकड़ू स्थित मुंडा भवन में मंगलवार को वीर बिरसा महाविद्यालय डाटम प्रबंधन समिति के तत्वावधान में भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन...

राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की ‘गुगली’, जेएमएम की बढ़ी सियासी चुनौती, जेएमएम से पहले कांग्रेस ने प्रणव झा को बनाया उम्मीदवार

रांची: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले कांग्रेस ने उम्मीदवार घोषित कर सियासी हलकों में नई चर्चा...

Must Read

सरायकेला समेत 5 जिले SRE योजना से बाहर, 4 संवेदनशील जिलों में बढ़ेगी CAPF तैनाती

रांची : झारखंड सरकार ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति को देखते हुए केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों (CAPF) की...

14 जून कुकड़ू नक्सली घटना विशेष: कुकड़ू की वह खौफनाक शाम, सात साल बाद भी नहीं मिटे शहादत के निशान

गुलाम रब्बानी, सरायकेला। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले का कुकड़ू प्रखंड। शांत ग्रामीण परिवेश के बीच बसा यह इलाका कभी अपनी स्वच्छ हवा, प्राकृतिक सुंदरता...