सरायकेला: चांडिल प्रखंड अंतर्गत रूदिया पंचायत के भुमिज बहुल गांव बहड़ाडीह में मंगलवार को भुमिज समुदाय की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को पुनः सुदृढ़ और सुव्यवस्थित करने को लेकर एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता शिवचरण सिंह सरदार ने की। बैठक में रूढ़ि प्रथा और परंपरा का निर्वाह करते हुए समुदाय की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के विभिन्न पदों के लिए मनोनयन किया गया। इसमें हातु सरदार के रूप में शिवचरण सिंह सरदार, नाया (लाया) के रूप में भगिरथ सिंह सरदार, देवरी पद के लिए फतु सिंह सरदार, चक्रधर सिंह सरदार और सरावन सिंह सरदार को जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं डाकुआ के रूप में अंगद सिंह सरदार और रंगलाल सिंह सरदार को चुना गया।
इसके अलावा शासन/हाढ़शाली जागुवाड़ी के लिए कृष्ण सिंह सरदार, रसराज सिंह सरदार और करमु सिंह सरदार को जिम्मेदारी दी गई। बैठक में संगठन की ओर से सभी भुमिज गांवों के अगुवाओं से अपील की गई कि वे अपने-अपने गांवों में रूढ़ि प्रथा आधारित स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कार्य करें। संगठन ने इस दिशा में हर संभव सहयोग देने का भरोसा भी दिया। इस अवसर पर संगठन की ओर से रविंद्र सरदार, शुसेन सिंह सरदार, जय सिंह सरदार, रविंद्र नाथ सिंह सहित गांव के जलन सिंह, गणपति सिंह, लाल सिंह, भीम सिंह, उषा रानी सिंह, भाग्यवती सिंह, कुंजो देवी, शुकंतला सिंह, चंचला सिंह, गीता रानी सिंह, टुसु सिंह, मिठु सिंह, विरला सिंह, राधी सिंह, बिजली सिंह और सुशीला सिंह समेत बड़ी संख्या में भुमिज समाज के लोग उपस्थित थे।









