रांची। झारखंड में जेटेट परीक्षा को लेकर सरकार एक बार फिर विपक्ष के निशाने पर है। जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र की विधायक पूर्णिमा दास साहू ने कहा कि राज्य में रोजगार और युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार का रवैया चिंताजनक और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि राज्य में जेटेट परीक्षा के लिए अब तक नियमावली भी तैयार नहीं की गई है, जबकि सरकार ने झारखंड उच्च न्यायालय में 31 मार्च 2026 तक परीक्षा आयोजित करने की बात कही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नियमावली ही तैयार नहीं है तो बचे हुए कुछ दिनों में परीक्षा कैसे आयोजित की जाएगी, इस पर सरकार ने कोई स्पष्टता नहीं दी है।
विधानसभा में पूर्णिमा दास साहू द्वारा पूछे गए उनके अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में सरकार ने बताया कि डब्ल्यूपी (एस) संख्या 5355/2025, हरिकेश महतो एवं अन्य बनाम राज्य सरकार मामले में उच्च न्यायालय ने 31 मार्च 2026 तक परीक्षा लेने का आदेश दिया है। हालांकि, सरकार ने यह भी स्वीकार किया है कि परीक्षा के लिए नियमावली का प्रारूप तैयार है, लेकिन अब तक उसे सक्षम स्तर से अनुमोदन नहीं मिला है।

विधायक पूर्णिमा दास साहू ने कहा कि वर्ष 2024 में नई नियमावली बनाने के नाम पर अभ्यर्थियों से आवेदन लिया गया था, लेकिन परीक्षा स्थगित कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि दो वर्षों में भी सरकार नियमावली तैयार नहीं कर सकी, जिससे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर उच्च न्यायालय के आदेश का पालन नहीं कर रही है और दूसरी ओर झारखंड के युवाओं के भविष्य को अनिश्चितता में डाल रही है।









