रांची: झारखंड विधानसभा में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री सह आजसू पार्टी सुप्रीमो सुदेश महतो ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार का बजट दिशाहीन है और गरीब तथा मध्यम वर्ग के हितों के खिलाफ है। सुदेश महतो ने आरोप लगाया कि बजट के माध्यम से छात्रों-युवाओं, आदिवासी, दलित, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समाज को छलने का काम किया गया है। बकाया छात्रवृत्ति और रोजगार जैसे अहम मुद्दों पर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। महिलाओं और किसानों के लिए भी ठोस प्रावधान का अभाव बताया।
उन्होंने राज्य सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि विकास कार्य ठप पड़े हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन केंद्र से राशि नहीं मिलने की बात कहते हैं, जबकि वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर सदन में पर्याप्त राशि होने की बात स्वीकार करते हैं। सुदेश महतो ने कहा कि बजट में 10,000 करोड़ रुपये की वृद्धि का दावा किया गया है, लेकिन 31 जनवरी 2026 तक पिछली बजट राशि का मात्र 50.29 प्रतिशत ही खर्च हो सका था। उन्होंने सरकार से पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन की मांग की है।









