रांची: झारखंड विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए डुमरी से विधायक सह JLKM के सुप्रीमो जयराम महतो ने कहा कि आंकड़ों की बाजीगरी के बजाय सरकार को दूरदृष्टि दिखाने की जरूरत थी। उन्होंने सवाल उठाया कि रोजी-रोजगार, युवाओं के कौशल विकास और पलायन रोकने को लेकर सरकार का स्पष्ट विजन क्या है। जयराम महतो ने कहा कि केवल विदेश दौरों को उपलब्धि बताने से काम नहीं चलेगा। राज्य का हर पढ़ा-लिखा नौजवान बजट की खामियों और मजबूत पक्ष को समझ रहा है।
कृषि क्षेत्र के लिए 4,884.2 करोड़ रुपये के प्रावधान पर उन्होंने कहा कि राज्य की करीब 75 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है और लगभग 22 लाख छोटे एवं सीमांत किसान हैं। ऐसे में कृषि बजट में अपेक्षित प्राथमिकता नजर नहीं आती। स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में घोषणाएं जरूर की गई हैं, लेकिन पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में की गई कई अहम घोषणाओं पर अब तक काम शुरू नहीं हुआ। कौशल विकास के लिए 585 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, लेकिन कितनी राशि खर्च हुई और कितने युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया, यह स्पष्ट नहीं है।
उन्होंने जल जीवन योजना और राजस्व बढ़ाने के दावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को खर्च और उपलब्धियों का स्पष्ट ब्योरा देना चाहिए। बजट पर चर्चा के दौरान वे मंत्रियों से अपेक्षा करेंगे कि वे अपने विभागों की प्रगति की ईमानदार समीक्षा सदन के सामने रखें, ताकि आम आदमी को भी यह भरोसा हो सके कि बजट का पैसा धरातल पर पहुंच रहा है।









