सरायकेला: कुकड़ू प्रखंड समाजसेवी सह शिक्षक गुणाधर महतो ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026=27 के केंद्रीय बजट को छात्र, युवा और झारखंड के प्रति निराशाजनक बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट शिक्षा और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लगातार हो रही कटौती को दर्शाता है, जिससे देश के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। गुणाधर महतो ने कहा कि वर्ष 2014 में शिक्षा का बजट कुल बजट का लगभग 4.5 प्रतिशत था, जिसे घटाकर वर्तमान में 2.5 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं उच्च शिक्षा का बजट, जो पहले 2.5 प्रतिशत था, अब घटकर मात्र 0.9 प्रतिशत रह गया है। यह छात्रों और युवाओं के हितों के खिलाफ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा हर बार झारखंड के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है, जबकि भाजपा शासित राज्यों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। झारखंड को अब तक न तो उसके पूर्व बकाया की राशि मिली है और न ही छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति समय पर दी जा रही है। गुणाधर महतो ने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट झारखंड के छात्रों और युवाओं के लिए निराशाजनक है और शिक्षा के क्षेत्र में जारी अन्याय को और गहरा करता है।









