रांची (अबधेश महतो): सोनाहातू प्रखंड अंतर्गत सिल्ली-रांगामाटी मुख्य सड़क पर जिलिंगसेरेंग डोमड़ा नदी के समीप स्थित श्री श्री अखंड नवकुंज महायज्ञ हरि मंदिर परिसर में 1 फरवरी से 10 फरवरी तक नौ दिवसीय अखंड हरिनाम नवकुंज महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान एक साथ नौ कुंजों (मंदिरों) में अखंड हरिनाम संकीर्तन किया जाएगा। आयोजन को लेकर कीर्तन समिति एवं नवकुंज आयोजन समिति द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

हुआ कलश स्थापना, 501 महिलाएं एवं किशोरियां शामिल
महायज्ञ के शुभारंभ से पूर्व शनिवार को ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस कलश यात्रा में 501 महिलाएं एवं किशोरियां शामिल हुईं, जिन्होंने लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पैदल चल कर जिलिंगसेरेंग पलपल डोमड़ा नदी घाट से पवित्र जल लेकर महायज्ञ स्थल पहुंचीं, जहां विधिवत कलश स्थापना की गई। गंधादिवस के अवसर पर देवी-देवताओं का आह्वान किया गया।आयोजन समिति के शक्तिपद सिंह मुंडा, गोपीनाथ दास गोस्वामी, जीतू दास गोस्वामी, कमला सिंह, अयोध्या मुंडा, अबधेश महतो, संतोष स्वांसी, जगदीश लोहरा, महानन्द सिंह मुंडा, संजय सिंह मुंडा, नलपति सिंह मुंडा सहित अन्य सदस्यों के नेतृत्व में कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है।

प्रत्येक कुंज में अलग -अलग पुरोहित किए गए हैं नियुक्त
आयोजन समिति ने बताया कि 1 फरवरी (18 माघ, रविवार) को पूजा-अर्चना के साथ राधा-गोविंद अखंड हरिनाम संकीर्तन का शुभारंभ होगा, जो 10 फरवरी (27 माघ, मंगलवार) को धुलट के साथ संपन्न होगा। कई एकड़ में फैले आयोजन स्थल पर नौ अलग-अलग कुंज बनाए गए हैं, जहां विभिन्न कीर्तन मंडलियां अखंड हरिनाम संकीर्तन करेंगी। प्रत्येक कुंज में पूजा-अर्चना के लिए अलग-अलग पुरोहित नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं के मनोरंजन हेतु धार्मिक झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। प्रतिदिन भक्तों के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई है। महायज्ञ स्थल पर मेला भी लगा है, जहां विभिन्न प्रकार की दुकानें एवं बच्चों के लिए झूले लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पेयजल सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।









