एक प्लॉट, दो मालिक! बिना रजिस्ट्री–बिना नोटिस कैसे बदल गया जमीन का मालिक? पाकुड़ अंचल की “कमाल” व्यवस्था पर बड़ा सवाल

एक प्लॉट, दो मालिक! बिना रजिस्ट्री–बिना नोटिस कैसे बदल गया जमीन का मालिक? पाकुड़ अंचल की “कमाल” व्यवस्था पर बड़ा सवाल

इन्हे भी जरूर देखे

झारखंड में अगले 5 दिन बारिश का दौर, वज्रपात और तेज हवा का अलर्ट

रांची। झारखंड में गुरुवार, 17 सितंबर से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। अगले पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में...

कुकड़ू: पांड्रा गांव में वज्रपात का कहर, खेत में काम कर रहीं दो महिलाओं की मौत, तीन झुलसी

सरायकेला: कुकड़ू प्रखंड अंतर्गत पांड्रा गांव में सोमवार दोपहर करीब 2 बजे वज्रपात की दर्दनाक घटना में खेत में धान की निकाई कर रहीं...

पाकुड़ जिले में जमीन अब हल और मेहनत से नहीं, बल्कि फाइल, फर्जीवाड़े और साठगांठ से जोती जा रही है। वर्षों से जिस जमीन पर रेयत खेती करते आ रहे हैं, वह जमीन बिना बिक्री, बिना रजिस्ट्री और बिना किसी कानूनी नोटिस के कथित तौर पर दूसरे के नाम चढ़ा दी गई। यह मामला सिर्फ जमीन विवाद नहीं, बल्कि अंचल कार्यालय में जमे भूमाफिया नेटवर्क की गंभीर तस्वीर पेश करता है।

मामला पाकुड़ सदर प्रखंड के चेंगाडांगा गांव का है, जहां सामसुल आलम और सामसुल रफीक (पिता– मरहूम सामसुल है) की जमीन को कागजों में नाजमुन नेहार बीबी, पति मो. जाकिर हुसैन, निवासी सीतापहाड़ी के नाम खरीदी हुई बताया जा रहा है। जबकि पीड़ितों का साफ कहना है कि न जमीन बेची गई, न पैसा लिया गया। कागजों में स्टांप, दस्तखत और रकम दर्ज है, लेकिन जमीन पर हकीकत बिल्कुल उलट है।

रेयतों का आरोप है कि वे दशकों से चास–आबाद कर रहे हैं, कर भी भरते रहे, लेकिन रातों-रात नामांतरण कर दिया गया। न नोटिस, न सुनवाई। सवाल यह है कि क्या पाकुड़ में कानून सिर्फ फाइलों तक सीमित रह गया है?

आरोप है कि हल्का नंबर 9A और 9B में करीब 280 मोटेशन फाइलें लंबित हैं, लेकिन जिन फाइलों के साथ “लेन-देन” जुड़ा है, वे तेजी से पास हो जाती हैं। कहा जा रहा है कि हल्का कर्मचारी अजय दत्त के संरक्षण में मिनारूल और जोहरुल जैसे दलाल अंचल कार्यालय को अपनी जागीर समझ बैठे हैं और डिजिटल रिकॉर्ड तक से छेड़छाड़ कर रहे हैं।

मामला यहीं नहीं रुकता। इसाकपुर मौजा के प्लॉट नंबर 758 पर दो बार रजिस्ट्री और प्लॉट नंबर 1839 (तालाब दर्ज भूमि) का निजी नाम पर मोटेशन—यह सब किसी भूल का नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश का संकेत है।

राकेश भगत, अजय दत्त, देवाशीष सोरेन, सीताराम महतो, बिबेक तुरी, महेश और शंभू सोरेन (सीआई) पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। वहीं सागर गुप्ता, मोजफर शेख, जोहरुल शेख, मिनारूल शेख, अजारुल शेख और जॉय मंडल पर अंचल कर्मियों को प्रभाव में लेकर जमीन हेराफेरी का आरोप है।

अब सवाल सीधा है—

प्रशासन किसान के साथ खड़ा होगा या फर्जीवाड़े के साथ?

स्थानीय लोग उच्चस्तरीय, निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, वरना पाकुड़ में किसी की जमीन सुरक्षित नहीं

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)

इन्हे भी जरूर देखे

झारखंड में अगले 5 दिन बारिश का दौर, वज्रपात और तेज हवा का अलर्ट

रांची। झारखंड में गुरुवार, 17 सितंबर से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। अगले पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में...

कुकड़ू: पांड्रा गांव में वज्रपात का कहर, खेत में काम कर रहीं दो महिलाओं की मौत, तीन झुलसी

सरायकेला: कुकड़ू प्रखंड अंतर्गत पांड्रा गांव में सोमवार दोपहर करीब 2 बजे वज्रपात की दर्दनाक घटना में खेत में धान की निकाई कर रहीं...

शिक्षक दिवस पर ज्ञान भंडार कोचिंग सेंटर सिरुम में मेधा सम्मान समारोह का आयोजन, विधायक सविता महतो ने मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित

सरायकेला। शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर शनिवार को कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र के सिरुम स्थित ज्ञान भंडार कोचिंग सेंटर में शिक्षक दिवस विशेष कार्यक्रम...

Must Read

कुकड़ू : पारगामा में 23 सितंबर को लगेगा झारखंडी इंद मेला, झूमर की थाप पर झूमेंगे लोग, विधायक साविता महतो होंगी मुख्य अतिथि

सरायकेला। कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र के पारगामा में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी झारखंडी इंद मेला एवं झूमर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया...