सिल्ली। सरहुल बागान, मुरी के समीप रेलवे आदिवासी परिवार, मुरी शाखा एवं रांची मंडल, दक्षिण पूर्व रेलवे के तत्वावधान में क्रिसमस गैदरिंग का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि फादर अंसलेम कुजूर एवं विशिष्ट अतिथियों में , सरिता बोदरा, सिस्टर मिनाकी उपस्थित थे।यह डॉ। कार्यक्रम को फादर अंसलेम कुजूर ने संबोधित करते हुए कहा कि क्रिसमस केवल ईसाइयों का त्योहार नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेम और उद्धार का पर्व है। उन्होंने प्रभु यीशु मसीह के जीवन के बारे में कहा कि उनका जीवन प्रेम, त्याग, सेवा और मानवता का संदेश देता है। मनुष्य को अपने जीवन के कठिन समय में भी अपने सृष्टिकर्ता को याद रखना चाहिए, क्योंकि ईश्वर और मनुष्य के संबंध का यही मुख्य लक्ष्य है।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एम. एल. मांझी ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह का जीवन और उनका संदेश प्रेम, क्षमा, सेवा और मानवता का प्रतीक है। प्रभु यीशु हमें सिखाते हैं कि समाज में जाति, धर्म और वर्ग से ऊपर उठकर एक-दूसरे से प्रेम करें, तथा जरूरतमंदों की सहायता करें।
इस कार्यक्रम में एससी/एसटी एसोसिएशन के हटिया, रांची एवं मुरी), ऊर्सलाइन स्कूल मुरी, सरना समिति, सिल्ली, मोदीडीह, बड़ा मुरी, छोटा मुरी, अनगढ़ा, बुढ़मू, गोला , झालदा, चांडिल, लोहरदगा, रामगढ़, हटिया, रांची, बानो, पिस्का, नरकोपी, तुलीन, टाटा समेत रांची मंडल के विभिन्न सेक्शनों, विभागों एवं रेलवे कर्मचारी उपस्थित थे।कार्यक्रम का सफल संचालन निरंजन बाघवार एवं सुबोध मिंज द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
इस मौके पर संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं सदस्यों में निरंजन बाघवार, एम. एल. मांझी, सुबोध मिंज, देवेंद्र कुमार बड़ाइक, बिशन हेंब्रम, अमित कुजूर, आसिम तिर्की, बस्तु उरांव, शिबू पाहन, आर. खेस, पवन हेमरोम, सनातन गंझू, आनंद टोप्पो, कुसुम मुंडा, एम. डी. उरांव, बिपुल, एम. पी. तिर्की, इलियास तिर्की, बलबीर सिंह, ए. के. समुद्रा, अमित कुजूर, सनातन गांझु, अनूप मिंज सहित समस्त समिति सदस्य एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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