कहां दोषियों को किसी भी कीमत पर बक्सा नहीं जाएगा , ब्लड डोनरों एवं जिनको ब्लड चढ़ाया गया है सभी की हो रही है जांच
सभी समस्याओं के समाधान का नाम है इरफान अंसारी, पीड़ित बच्चों को खुद गोद लेकर , अडॉप्ट कर उसका पूरा इलाज कराएगा और देखभाल करेगा इरफान अंसारी
पीड़ित बच्चों को झारखंड सरकार द्वारा दिया गया 2-2, स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 2- 2 लाख दिया जाएगा : मंत्री
चाईबासा : चाईबासा सदर अस्पताल ब्लड बैंक में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित ब्लड चढ़ाने के मामले की जांच करने आज खुद सुबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी चाईबासा पहुंचे। मंत्री इरफान अंसारी अस्पताल के ब्लड बैंक में जाकर ब्लड के सैंपलों की जांच की, ब्लड डोनर, और मरीजों को ब्लड देने वाले रजिस्टर की जांच की। पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों से मिले। रक्तदान करने वाले लोगों के बारे में जानकारी ली रक्तदाता रजिस्टर और रक्त का नमूना की भी खुद अपने स्तर से जांच की। उसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने सदर अस्पताल का भी निरीक्षण किया और डॉक्टर चिकित्सको के साथ बैठक कर जिले में स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी ली।थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित ब्लड चढ़ाए जाने के मामले में ब्लड बैंक की जांच करने के बाद स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि यह बहुत दुखद और गंभीर मामला है। जिसको भी इस मामले में लापरवाही पाई गई है उसे तत्काल निलंबित कर दिया गया है और पूरे मामले को जांच चल रही है, इसके बाद अगर दोष प्रमाणित हो जाता है तो इससे भी बड़ी सजा मिलेगी। स्वास्थ्य व्यवस्था में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ लोगों का मौलिक अधिकार है और हर व्यक्ति को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए। सरकार लोगों के स्वास्थ्य क्षेत्र में डॉक्टरो के वेतन ,भवन ,मशीन, दवाई आदि में करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। जिसका लाभ लोगों को मिलना चाहिए ।स्वास्थ्य विभाग के योजनाओं, कार्यक्रमों एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचे इसके लिए सिविल सर्जन, सभी सरकारी पदाधिकारी, स्वास्थ्य कर्मी काम करें।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह इतनी बड़ी लापरवाही और क्यों कैसे हुई इसकी गहनता से जांच की जा रही है मामला संज्ञान में आने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सिविल सर्जन, लैब टेक्नीशियन, इंचार्ज और चिकित्सक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है एवं स्वास्थ्य विभाग की विशेष सचिव आईएएस नेहा अरोड़ा के नेतृत्व में राज्य स्तरीय जांच टीम बनाई गई है जो पूरे मामले की जांच करेगी और रिपोर्ट देगी उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि चाईबासा में इस तरह का मामला सामने आने के बाद उन्होंने पूरे राज्य में ब्लड जांच सैंपल आदि के लिए नया नियम तैयार किया है। अब रैपिड टेस्ट से ब्लड की जांच नहीं होगी। ब्लड देने वाले के रक्त के नमूनों की जांच होगी। उन्होंने कहा कि यह मामला 2024 का मामला है और आज संज्ञान में आया है लगभग 250 लोगों ने रक्तदान किया है। अब तक 5 बच्चों की एचआईवी क्रिएट होने की पुष्टि हुई है बाकी बच्चों अभी जांच की जा रही है अभी रिपोर्ट आनी बाकी है। जिसमें 50 लोगों की स्कूटनी ने की गई है। जिसमें 3 लोगों का एचआईवी पॉजीटिव पाया गया है। बाकी बचे ब्लड डोनर को चिन्हित किया जा रहा है उसकी जांच कराई जा रही है और कितनी बड़ी चूक कैसे हुई । इसकी गहनता से जांच होगी और दोषियों को बक्सा नहीं जाएगा।
20 वर्षों में भाजपा और पूर्व के स्वास्थ्य मंत्रियों ने स्वास्थ्य विभाग का किया बैरागर्क , वह सुधारने में लगे
सदर अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने कहा कि यह जिला का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। जहां पूरे जिले के लोग अपना उपचार करने आते हैं। पूर्व में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल थी। लेकिन उनके स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद पूरे राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था सुधार हुआ है ।भाजपा की सरकार में 20 वर्षों तक स्वास्थ्य व्यवस्था एवं पूरे झारखंड का बैरागर्क कर दिया गया था। पूर्व के स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग का क्या हाल किया था, यह कहां नहीं जा सकता है, जो गड़बड़ी और कमियां थी उसे सुधारा जा रहा , चुस्त दुरुस्त किया जा रहा है । वह खुद डॉक्टर हैं और स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा उन्हें डॉक्टर इरफान अंसारी को मिला है । सभी समस्याओं का समाधान का नाम है ही इरफान अंसारी है । जल्द ही आप लोगों को स्वास्थ्य विभाग और पूरे स्वास्थ व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा ।उन्होंने कहा कि उन्होंने अभी 5 मेडिकल कॉलेज बनाने की स्वीकृति दिलाई है। 3 साल के अंदर 5 मेडिकल कॉलेज और बनकर तैयार हो जाएगा चाईबासा में मेडिकल कॉलेज बन रहा है , यह मेडिकल कॉलेज भी बन जाने से यहां के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर उपचार एवं मेनू के अनुसार भोजन नहीं मिलने की शिकायत पर उन्होंने सिविल सर्जन को मेनू के आधार पर मरीजों को उच्च प्रोटीन युक्त भोजन उपलब्ध कराने और इलाज करने आने वाले गरीबों , मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का निर्देश दिया है। वहीं जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार लाने का भी चिकित्सकों को उन्होंने निर्देश दिया है।स्वास्थ्य विभाग में सिर्फ बड़ी-बड़ी भवन बने डॉक्टर और टेक्निशियनों मशीन संसाधन,सीटी स्कैन, ब्लड जांच मशीन आदि की कमी होने पर के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि डाक्टरों की बहाली की गई है , और भी जो कमियां है उसे जल्द पूरा किया जाएगा । निरीक्षण क्रम में उनके साथ जिले के उपायुक्त चंदन कुमार , एसपी अमित रेनू, प्रभारी सिविल सर्जन डॉक्टर भारती मिंज , निवर्तमान सिविल सर्जन डॉक्टर सुशांत कुमार मांझी, चिकित्सक , स्वास्थ्य कर्मी एवं पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य मंत्री ने की मीडिया से अपील कमियां और गलतियां बताए , ताकि सुधारा जा सके
स्वास्थ्य मंत्री ने निर्वाक रूप से जहां जो कमियां थी उसे स्वीकार किया और मीडिया के कई प्रश्नों का सकारात्मक जवाब दिया और जहां जो कमियां है उसे जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। मीडिया को भी स्वास्थ्य विभाग, स्वास्थ्य के क्षेत्र में , अस्पतालो आदि में जो समस्या है उसे प्रमुखता से उठाने और उसे सरकार प्रशासन तक लाने का अनुरोध किया ताकि जो कमियां है गलतियां हुई है उसे सुधारा जा सके। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार की तरफ से पीड़ित बच्चों को 2-2 और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 2- 2 लाख दिया जाएगा ।इसके साथ ही कैसे पीड़ित बच्चों को स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी खुद गोद लेकर, अडॉप्ट कर उसका पूरा इलाज कराएगा और देखभाल करेगा।









