रांची (सिल्ली)।बिरसा मुंडा तिरंदाजी सेंटर में तीरंदाजों के लिए मेंटर का काम करेंगे नव दंपति।ये नव दंपति और कोई नहीं एशियन गेम्स के सिल्वर मेडलिस्ट मधुमिता कुमारी एवं उनके पति जमशेदपुर निवासी निशांत कुमार है।आर्चरी सेंटर में दिव्यांग तीरंदाजो में बरकाकाना की बबीता कुमारी,रामगढ़ छोटकी टुंडी की सुमन करमाली, रामगढ़ करमा सातवें के रवि कुमार दास, मुस्कान कुमारी आदि प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। कोच प्रकाश राम ने बताया कि एक मेंटर तीरंदाजों को तकनीकी मार्गदर्शन जैसे सही तकनीक सिखाना मानसिक समर्थन और भावनात्मक प्रोत्साहन प्रदान करता है। जिससे उनकी एकाग्रता, दृढ़ संकल्प और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता बढ़ती है। मेंटर का मुख्य उद्देश्य तीरंदाजों को उनके लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करना और उन्हें एक बेहतर और अधिक सक्षम व्यक्ति बनाना होता है।एशियन गेम्स की सिल्वर मेडलिस्ट मधुमिता कुमारी ने कहा कि खिलाड़ियों के साल भर के जरूरत पड़ने वाले स्पोर्ट्स किट भी दी जाएगी,इससे पहले भी कई प्रकार के उपकरण अपने एकेडमी के साथी खिलाड़ियों को देकर उनको आगे बढ़ाने का कार्य किया गया है।वहीं मधुमिता ने कहा कि मै जिस एकेडमी के बदौलत यहां तक पहुंची हूं ये मेरा भी कर्तव्य है कि मैं इस अकादमी के साथ जुड़कर यहां के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए मदद कर सकूं। वहीं उन्होंने अकादमी के संरक्षक,सुदेश महतो व अध्यक्ष नेहा महतो का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हीं के बदौलत हम जैसे खिलाड़ियों को सिल्ली में बेहतर मंच मिला।









