सरायकेला। शिक्षा और परिश्रम के बल पर सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है। इसका उदाहरण प्रस्तुत किया है चांडिल प्रखंड के रोयाडीह गांव के निवासी घासुराम किस्कू के सुपुत्र वीरेंद्र नाथ किस्कू ने। ग्रामीण परिवेश से निकलकर उन्होंने प्रतिष्ठित भारतीय प्रबंधन संस्थान, मुंबई (IIM Mumbai) से दो वर्षीय स्नातकोत्तर प्रबंधन (MBA) की पढ़ाई पूरी कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। वीरेंद्र ने वर्ष 2022 से 2024 तक संचालन एवं आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन विषय में एमबीए की पढ़ाई की और इसे प्रथम श्रेणी में सफलतापूर्वक पूर्ण किया। 20 सितंबर 2025 को आयोजित संस्थान के द्वितीय वार्षिक दीक्षांत समारोह में उन्हें यह उपाधि प्रदान की गई। उपाधि ग्रहण करते समय वीरेंद्र का आत्मविश्वास और चेहरे की खुशी सभी के लिए प्रेरणादायी दृश्य बन गया।

यह उपलब्धि न केवल किस्कू परिवार के लिए, बल्कि पूरे चांडिल प्रखंड, सरायकेला-खरसावां जिला और कोल्हान प्रमंडल के लिए गर्व का विषय है। IIM मुंबई जैसे शीर्ष संस्थान से एमबीए की उपाधि प्राप्त करना देश और दुनिया के युवाओं का सपना होता है। वीरेंद्र ने इस उपलब्धि से यह सिद्ध कर दिया कि ग्रामीण अंचल के विद्यार्थी भी मेहनत और लगन से ऊँचाईयों को छू सकते हैं। स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने उनकी इस सफलता पर हर्ष व्यक्त किया है। गांव के लोगों का कहना है कि वीरेंद्र की उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।









