पाकुड़ : जिले में खनन लीज स्वीकृति को लेकर बड़ा घोटाला उजागर हो रहा है। 9 खनन लीज ऐसे तरीके से पास किए गए जिनमें नियमों की धज्जियां उड़ाकर न सिर्फ जिला प्रशासन बल्कि सरकार तक को अंधेरे में रखा गया। इस पूरे प्रकरण में अंचल अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
🔎 सूत्रों का दावा है कि अंचल अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में जानबूझकर सच्चाई छुपाई और गलत क्लियरेंस दिया। यही वजह है कि गांव, स्कूल और मस्जिद से सटे खनन लीज को भी हरी झंडी मिल गई।
हिरणपुर के मानसिंहपुर में तो मस्जिद और स्कूल के बगल में खनन पट्टा दिया गया।
वहीं, फोर स्टार स्टोन वर्क्स पर गोचर जमीन के अतिक्रमण का आरोप है।
इस खेल में शीश मोहम्मद और अहिदुल शेख जैसे नाम सामने आ रहे हैं।
💰 आरोप है कि खनन माफिया ने करोड़ों का राजस्व हड़प लिया है। फर्जी कागजात और कागजी हेरफेर कर ये पट्टाधारी अब हाईकोर्ट तक को गुमराह कर रहे हैं। प्रशासन को पहले से अंधेरे में रखने वाले ये माफिया अब न्यायपालिका को भी झांसा देने में लगे हैं।
🗣️ स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच हाई लेवल कमिटी से कराई जानी चाहिए, क्योंकि जिला स्तर पर जांच होने पर सच दबा दिया जाता है।
👉 सवाल अब सीधा जिला प्रशासन और उपायुक्त पर है –
क्या वे इस खेल में शामिल अधिकारियों और खनन माफिया पर सख्त कार्रवाई करेंगे?
या फिर जिले में अवैध खनन का यह काला कारोबार यूं ही चलता रहेगा?









